एजेंट्स के लिए ज़ाब्ते (रूल्स)

Maslake Ala-Hazrat Zindabad!

आप को एजेंट के तौर पर काम करने की इजाज़त दी गइ है। इस का मतलब सिर्फ़ यह है के आप के ज़रिए जो मुसाफ़िर (ज़ाइर) हमारे पास आएंगे और रक़म अदा करके उमराह के लिए जाएंगे, उन के एवज़ आप को मुआवज़ा दिया जाएगा। रक़म के लेन-देन या और किसी मुआमले में हम ने आप को अपना वकील नहीं बनाया है।

कोई शख़्स (ज़ाइर) रक़म कहाँ जमा करे, यह फ़ैसला उसी को करना है। अगर वो आप के पास रक़म जमा करता है और वो रक़म हम तक नहीं पहुंचती है तो उस के ज़िम्मेदार हम नहीं होंगे। हम सिर्फ़ उसी रक़म के ज़िम्मेदार होंगे जो हम तक पहुंच जाए। लिहाज़ा अगर कोई शख़्स चाहे तो डायरेक्ट हमारे अकाउंट में रक़म जमा कर सकता है। इस सूरत में उस की रक़म की मुकम्मल ज़िम्मेदारी हमारी होगी।

हम ने आप को बग़ैर किसी फ़ीस या रक़म के इस काम में शामिल किया है, लिहाज़ा आप की तरफ़ से हम पर कोई इज़ाफ़ी पाबंदी आयद नहीं होगी। हमारा मक़सद मिल कर आशिक़ाने रसूल की ख़िदमत करना और इस मुक़द्दस सफ़र को हर ज़ाइर के लिए यादगार बनाना है।

पैकेज की तफ़्सीलात और मुआवज़ा:
फ़िलहाल 1500 साला ईदे मीलादुन्नबी ﷺ के मौक़े पर 2 उमराह पैकेज पेश किए गए हैं:

पैकेज 1 (23 दिन): आम क़ीमत 1,00,000 रुपये, रिआयती क़ीमत 75,000 रुपये।

पैकेज 2 (15 दिन): आम क़ीमत 85,000 रुपये, रिआयती क़ीमत 70,000 रुपये।

आप हर ज़ाइर को उमराह की क़ीमत और रिआयत वही बताएंगे जिस का एलान हमारी तरफ़ से किया गया है। किसी भी ज़ाइर से एक रुपया भी ज़्यादा वसूल करने की हरगिज़ इजाज़त नहीं है।
तमाम माली लेन-देन (Transactions) डायरेक्ट माय सुन्नी ज़ियारत टूर्स के अकाउंट या पेमेंट के तरीक़ों के ज़रिए होगा। फिर भी अगर आप अपनी मर्ज़ी से किसी से रक़म लेते हैं तो उस को फ़ौरन हमारे पास जमा कराना आप की ज़िम्मेदारी होगी।
आप जिन लोगों की सीट बुक करेंगे, उन के नाम और व्हाट्सएप नंबर हमारे पास भेजना लाज़मी होगा। हम उन से इस बात की तस्दीक़ भी करेंगे के आप ने उन से हमारी बताई हुई क़ीमत ली है या ज़्यादा?

दयानतदाराना तश्हीर और ज़ाब्ता-ए-अख़लाक़:
आप ज़ाइरीन को पैकेज के बारे में सिर्फ़ वही बात बताएंगे जो हमारी एडवर्टाइज़ और मैसेजेज़ में दी गयी हैं। कोई भी झूठी बात, मुबालग़ा आराई, या ऐसी सहूलत का वादा न करें जो पैकेज में शामिल न हो।
ज़ाइरीन के साथ हमेशा एहतराम, सब्र और मोहज़्ज़ब अंदाज़ अपनाएं।

होटल और फ़्लाइट की सही मालूमात:
आप हर ज़ाइर को यह बातें वाज़ेह तौर पर बता दें:

मक्का शरीफ़ होटल: दोनों पैकेजेज़ में मक्का शरीफ़ में होटल हरम शरीफ़ से तक़रीबन 2 से 2.5 Km के फ़ासले पर होगा, जिस के साथ हरम तक आने जाने के लिए फ़्री शटल बस सर्विस हर वक़्त दस्तियाब होगी।

मदीना शरीफ़ होटल: मदीना शरीफ़ में होटल मस्जिदे नबवी शरीफ़ से तक़रीबन 1 Km के फ़ासले पर मस्जिदे बिलाल की तरफ़ होगा, जहां से पैदल मस्जिद तक पहुंचने में तकरीबन 15 मिनट लगते हैं। यह बात ख़ास तौर पर बुज़ुर्गों या ऐसे अफ़राद को ज़रूर बताएं जिन्हें चलने में  दुशवारी है, ताके वो बा-ख़बर होकर फ़ैसला कर सकें।

फ़्लाइट: 15 दिन वाले पैकेज में आना और जाना, दोनों डायरेक्ट फ़्लाइट से होगा। जबके 23 दिन वाले पैकेज में जाते वक़्त तो डायरेक्ट फ़्लाइट होगी, लेकिन वापसी वाया (Via) भी हो सकती है। यह फ़र्क़ वाज़ेह तौर पर बताना लाज़मी है।

पैकेज में शामिल दीगर तफ़्सीलात:

दिनों की गिनती: ज़ाइरीन को यह समझा दें के “15 दिन” के पैकेज का मतलब 14 रातों का क़ियाम यानी 9 रात मक्का शरीफ़ में और 5 रात मदीना शरीफ़ में है, और बाक़ी वक़्त सफ़र में शुमार होता है। इसी तरह “23 दिन” के पैकेज का मतलब 22 रातों का क़ियाम (16 मक्का शरीफ़ + 6 मदीना शरीफ़) है।

फ़्री गिफ़्ट: फ़िलहाल हमारे पैकेज में सिर्फ़ 5 लीटर आबे ज़म ज़म फ़्री दिया जाएगा। एहराम, ट्रैवल बैग, या कोई और चीज़ नहीं दी जाएगी। यह बात वाज़ेह तौर पर बताएं।

अक़ीदे और शरई उमूर की एहतियात:
आप सिर्फ़ सुन्नी सहीहुल-अक़ीदा मुसलमानों की ही सीट बुक करेंगे। किसी भी देवबंदी, वहाबी, राफ़िज़ी, या सुल्ह-ए-कुल्ली की बुकिंग हरगिज़ न करें।
किसी भी ख़ातून की सीट बुक करते वक़्त यह ज़रूर देखें के उन के साथ उन का कोई शरई महरम मसलन शौहर, वालिद, भाई या बेटा वग़ैरह है या नहीं?

वीज़ा, टिकट और पेमेंट:
हर ज़ाइर को यह बात ज़रूर बताएं के हमारे यहां वीज़ा आम तौर पर रवानगी से 4 दिन पहले भेजा जाता है जबके एयर टिकट एक दिन पहले या एयरपोर्ट पर ही दिया जाता है। वीज़ा जारी होने के फ़ौरन बाद, हर ज़ाइर को पैकेज की बक़िया तमाम रक़म मुकम्मल तौर पर जमा करवाना लाज़मी होता है। हम रवानगी के दिन या एयरपोर्ट पर कैश रक़म वसूल नहीं करते। तमाम पेमेंट्स पहले ही क्लियर होना चाहियें।

बुकिंग मंसूख़ी (Cancellation) की पॉलिसी:
ज़ाइरीन को वाज़ेह तौर पर बताएं के अगर कोई ज़ाइर बुकिंग कन्फ़र्म करने और रक़म जमा करवाने के बाद सफ़र कैंसिल करता है, तो रक़म की वापसी कंपनी की पॉलिसी के मुताबिक़ होगी। आम तौर पर वीज़ा फ़ीस और एयर टिकट की क़ीमत को वापस करना मुमकिन नहीं होता।

मुंबई तक आमदो रफ़्त:
हमारा फ़्लाइट मुंबई से रवाना होगा और वापसी भी मुंबई में ही होगी। लिहाज़ा, जो ज़ाइरीन दूर दराज़ के शहरों से आ रहे हैं, उन्हें मशवरा दें के वो पहले अपने शहर से मुंबई तक के लिए ट्रेन या फ़्लाइट के टिकट की दस्तियाबी (Availability) को देख लें, उस के बाद ही उमराह की सीट बुक करवाएं।

ज़िम्मेदारी की हुदूद और तनाज़आत का हल:
बराए करम नोट करें के एयरलाइन की तरफ़ से फ़्लाइट में डिले या कैंसिल होना, सऊदी अरब में क़वानीन की तब्दीली, या किसी भी क़ुदरती आफ़त जैसी ग़ैर-मुतवक़्क़े सूरते हाल में कंपनी की ज़िम्मेदारी महदूद होगी, ताहम हम अपने ज़ाइरीन की हर मुमकिन मदद करेंगे।
अगर एजेंट और कंपनी के दरमियान कोई इख़्तिलाफ़ पैदा होता है, तो उसे बाहमी अफ़हामो तफ़हीम से हल किया जाएगा। अगर इस के बा-वजूद हल न हो तो किसी ज़िम्मेदार मुफ़्ती से रुजू किया जाएगा जिस के लिए आप को मुंबई भी आना पड़ सकता है।

ऊपर लिखे तमाम उसूल व ज़वाबित को तस्लीम करना माय सुन्नी ज़ियारत टूर्स के साथ एजेंट के तौर पर काम करने के लिए लाज़मी है और हम हस्बे ज़रूरत इस में तब्दीली भी कर सकते हैं।

याद रहे के आप हमारा नंबर अपने फ़ोन में ज़रूर सेव करें वरना हमारा अगला जवाब आप तक नहीं पहुंच सकेगा।
788-76-786-12

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